Interest on Capital Journal Entry in Hindi 2023

नमस्कार दोस्तों इस पोस्ट मे आज हम Interest on Capital की Journal Entry सीखने वाले है। दोस्तों यदि आप Commerce Stream से पढ़ाई कर रहे हैं। तो ये पोस्ट आप के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है। क्योंकि इस पोस्ट आज हम पूँजी पर ब्याज की जर्नल एंट्री Step by Step सीखने वाले है। साथ ही हम देखेंगे कि Interest on Capital क्या है। और Capital पर Interest कब दिया जाता है।

Interest on Capital Journal Entry in Hindi
Interest on Capital Journal Entry in Hindi

Interest on Capital क्या है। | पूँजी पर ब्याज क्या है।

जब व्यवसाय प्रारम्भ किया जाता है। तो व्यवसायी द्वारा व्यवसाय मे कुछ पूँजी लगायी जाती है। य़ह पूँजी व्यवसाय मे एक ऋण के समान होती है। इस पूँजी पर व्यवसायी को ब्याज लेने का अधिकार भी होता है। और ऐसे ब्याज को पूँजी पर ब्याज (Interest on Capital) कहते हैं।

Interest on Capital व्यवसाय का एक खर्चा होता है। जिसे अंतिम खाते (Final Account) बनाते समय लाभ-हानि खाते (Profit and Loss Account) मे दर्शाया जाता है।

टैलि प्राइम मे बैंक स्टेटमेंट की एंट्री कैसे करे। टैलि का ओल्ड वर्जन कैसे डाउनलोड करे।  

Interest on Capital की Journal Entry कैसे करे।

जब भी व्यवसाय द्वारा व्यवसाय के मालिक को पूँजी पर ब्याज दिया जाता है। तो वह उसके Capital Account मे Add कर दिया जाता है। जिससे व्यवसाय के Capital Account मे वृद्धि हो जाती है।

पूँजी पर ब्याज की जर्नल एंट्री निम्न प्रकार की जाती है।

पूँजी पर ब्याज दिया। – 2575 रु 

DateParticularL/FDebit AmountCredit Amount
31-12-2023Interest on Capital A/c Dr. 2575 
To Capital A/c  2575
 (Paid to Interest Capital Account)   

Interest on Capital Journal Entry Rules  

1. Interest on Capital Expenses की स्थिति में दो खाते प्रभावित होते हैं।

(I) Interest on Capital A/c (II) Capital Account

2. Interest on Capital Expenses व्यवसाय का एक Indirect Expenses होता है। और सभी Expenses पर Nominal Account के Rules लागू होते हैं।

सभी हानि और खर्च डेबिट , सभी लाभ और आय क्रेडिट 

चुकी Interest on Capital Expenses व्यवसाय का खर्चा है। जिसे लाभ-हानि खाते से कम किया जाता है। इसलिए Interest on Capital Expenses Debit होगा।

3.  पूँजी पर ब्याज आने से पूँजी की राशि मे व्रद्धि हो जाती है। इसलिए Capital A/c Credit होगा। 

Tally Prime मे Interest on Capital की Entry कैसे करे।

टैलि प्राइम मे पूँजी पर ब्याज की एंट्री निम्न प्रकार की जाती है। 

Tally Prime मे Interest on Capital की Entry कैसे करे।
Tally Prime मे Interest on Capital की Entry कैसे करे।

Conclusion

नमस्कार दोस्तो उम्मीद करता हु। की आप को मेरा लेख बहुत पसंद आया होगा। जिसमें मेने आप को बहुत ही आसान भाषा मे बताया कि Interest on Capital की Journal Entry कैसे करे। दोस्तों यदि आप को इस लेख में किसी बात को समझने मे परेशानी होती है। तो आप मुझे Comment Box मे पूछ सकते हैं। 

धन्यवाद………

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